Teacher TET New Passing Marks: सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्राइमरी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने के बाद देशभर में इस मुद्दे को लेकर लगातार फैसले सामने आ रहे हैं। पहले केंद्र सरकार ने साफ किया कि टीईटी से सामूहिक छूट नहीं दी जाएगी, वहीं अब एक राज्य सरकार ने राहत देते हुए शिक्षकों को पास होने का मौका दिया है। मामला उन शिक्षकों से जुड़ा है जो लंबे समय से सेवा में हैं लेकिन अभी तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दो साल का समय दिया था, जिसके बाद सरकार ने नियम लागू करने की बात कही, लेकिन अब राज्य स्तर पर राहत वाला कदम सामने आने से चर्चा तेज हो गई है।
कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ा दबाव
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि टीईटी केवल औपचारिक परीक्षा नहीं बल्कि शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई का स्तर बनाए रखने के लिए योग्य शिक्षक जरूरी हैं, इसलिए सभी शिक्षकों को टीईटी पास करना होगा। हालांकि कोर्ट ने यह भी माना कि कई शिक्षक वर्षों से सेवा दे रहे हैं, इसलिए उन्हें परीक्षा पास करने के लिए दो साल का समय दिया गया। वहीं कोर्ट ने संकेत दिया कि तय समय में टीईटी पास नहीं करने पर नौकरी और पदोन्नति दोनों प्रभावित हो सकते हैं, जिससे कई राज्यों में शिक्षकों के बीच चिंता और तैयारी दोनों बढ़ गई हैं।
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केंद्र सरकार ने छूट की मांग ठुकराई
कोर्ट के फैसले के बाद कई शिक्षक संगठनों ने टीईटी से छूट देने की मांग उठाई, लेकिन केंद्र सरकार ने संसद में लिखित जवाब देते हुए साफ कर दिया कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार ने कहा कि टीईटी शिक्षा का अधिकार कानून के तहत तय न्यूनतम योग्यता है और इसे समाप्त नहीं किया जा सकता। वहीं यह भी स्पष्ट किया गया कि यह नियम केवल नई भर्ती तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पहले से सेवा दे रहे शिक्षकों पर भी लागू होगा। इस बयान के बाद यह पूरी तरह साफ हो गया कि टीईटी नियम आगे भी जारी रहेगा और बिना परीक्षा पास किए प्रमोशन का लाभ नहीं मिलेगा, जिससे शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
तमिलनाडु में राहत का फैसला
जहां एक ओर सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार ने टीईटी को अनिवार्य बनाए रखा है, वहीं तमिलनाडु सरकार ने शिक्षकों को राहत देने का रास्ता चुना है। राज्य सरकार ने सेवारत शिक्षकों के लिए स्पेशल टीईटी आयोजित करने का फैसला लिया है, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षक भी परीक्षा पास कर सकें। बता दें कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करते हुए उठाया गया है, जिससे शिक्षकों को नियम पूरा करने और नौकरी सुरक्षित रखने का अवसर मिल सके। इस फैसले के बाद राज्य के हजारों शिक्षकों के बीच नई उम्मीद जगी है और परीक्षा को लेकर तैयारी तेज हो गई है।
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पासिंग मार्क्स में छूट और नया मौका
तमिलनाडु सरकार ने स्पेशल टीईटी में शिक्षकों को राहत देते हुए पासिंग मार्क्स में भी छूट दी है। जनरल वर्ग के लिए 60 प्रतिशत, ओबीसी वर्ग के लिए 50 प्रतिशत और एससी/एसटी वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक तय किए गए हैं। वहीं परीक्षा की अवधि तीन घंटे रखी गई है, जिससे शिक्षकों को पेपर हल करने के लिए पूरा समय मिल सके। यह फैसला उन शिक्षकों के लिए अहम माना जा रहा है जो लंबे समय से टीईटी पास करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन सफल नहीं हो पा रहे थे, अब उन्हें नियम के तहत परीक्षा पास करने का बेहतर मौका मिल गया है और आने वाले समय में इसका असर अन्य राज्यों में भी देखने को मिल सकता है।







